प्रियंका रेड्डी हत्याकांड, आखिर कब तक जलाई जाती रहेंगी बेटियां....?
साक्षी समाचार में प्रकाशित मेरा आलेख तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में घटित एक और निर्भया कांड पूरे देश की सुर्खियों में है। अभी तक तो निर्भया के दोषियों को ही फांसी की सजा नहीं दी गई है और एक और निर्भया हवस के दरिंदों की दरिंदगी का शिकार हुई है। अब तो यह प्रश्न पूरे देश के समक्ष मुंह बाए खड़ा है कि हम कैसे समाज में जी रहे हैं? जहां बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। एक तरफ हम 'बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ' के नारे लगाते हैं, दूसरी तरफ वही बेटियां समाज में सुरक्षित नहीं हैं, जो अपने बलबूते पर कुछ बनकर दिखाती हैं। आखिर हम किस युग में जी रहे हैं? क्या हम सभ्य समाज में जीने लायक माहौल अपनी बहन-बेटियों को दे पाए हैं? ये कुछ ऐसे यक्ष प्रश्न हैं, जो हमारे सामने आज़ भी मुंह बाए खड़े हैं और हम इनका कोई यथोचित उत्तर नहीं दे पा रहे हैं। आखिर कब तक जलाई जाती रहेंगी बेटियां राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान राष्ट्रीय महिला आयोग ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के शादनगर में सरकारी पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म और बाद में हत्या के खिलाफ स्वत: संज्ञान लिया है और पीड़ित परिवार क...