विश्व पर्यावरण दिवस पर मेरी एक रचना- आओ पेड़ लगाएं, पर्यावरण बचाएं

 विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में सूत्रधार साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था, भारत के फेसबुक पटल पर आयोजित  

'चित्र शृंखला-19- आओ पेड़ लगाएं' के अन्तर्गत मेरी रचना-

आओ पेड़ लगाएं, पर्यावरण बचाएं

*****************************

आओ सब मिल वृक्ष लगाएं

धरती मां का संताप मिटाएं।

दूषित वातावरण को शुद्ध करने

असली ऑक्सीजन प्लाण्ट लगाएं।

आओ सब मिल वृक्ष लगाएं।।


विषैली हवाओं से बढ़ रहा प्रदूषण

जल-जमीन का हम करें संरक्षण।

जीना है यदि प्रसन्न-स्वस्थ रहकर

शुद्ध रहे आस-पास का वातावरण।

खुलकर सब जीव सांस ले पाएं।

आओ सब मिल वृक्ष लगाएं।।


वाहनों का प्रयोग सीमित करके

साइकिल का उपयोग करें

घर में एसी-कूलर का हम

कम से कम प्रयोग करें।

संयमित जीवन-शैली अपनाएं।

आओ सब मिल वृक्ष लगाएं।।


प्लास्टिक को कहें अलविदा

कपड़े के थैले लेकर जाएं

रोजमर्रा के कामों में अब

प्राकृतिक चीजों को अपनाएं।

प्रकृति के साथ करें मित्रता

रोज पर्यावरण दिवस मनाएं।

जीओ और जीने दो का सिद्धान्त

व्यावहारिक जीवन में अपनाएं।।

आओ सब मिल वृक्ष लगाएं।

धरती मां का संताप मिटाएं।।

- सरिता सुराणा

05.06.2021

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1447456272256207&id=100009755447698

Comments

Popular posts from this blog

विश्व भाषा अकादमी की परिचर्चा गोष्ठी सम्पन्न

पूर्वोत्तर भारत में नागरिकता संशोधन बिल का विरोध क्यों?

छंदबद्ध रचनाओं में मात्राभार की गणना