https://www.tharexpressnews.com/indiaonlinenews/Basantosav-Program_6331.html पतझड़ हो गई ओझल, पल्लवित हुआ जीवन, रुत आई सुहानी रचनाओं से श्रोता हुए मंत्रमुग्ध 23 February 2021 03:56 PM विश्व भाषा अकादमी, भारत की तेलंगाना इकाई द्वारा बसन्तोत्सव काव्य गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हैदराबाद 23 Feb 2021। विश्व भाषा अकादमी, भारत की तेलंगाना इकाई द्वारा गत दिनों 'बसन्तोत्सव' पर काव्य गोष्ठी का ऑनलाइन आयोजन किया गया। इकाई अध्यक्ष सरिता सुराणा ने इस गोष्ठी की अध्यक्षता की। सर्वप्रथम अध्यक्ष ने सभी सहभागियों का स्वागत किया। इकाई महासचिव ज्योति नारायण की सरस्वती वन्दना से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। तत्पश्चात् काव्य गोष्ठी को प्रारम्भ करते हुए गुजराती भाषा सलाहकार भावना पुरोहित ने अपनी रचना 'ऋतुओं में मैं बसन्त हूं, मधुमास में, ऋतुराज में मध्यम वातावरण' तो मराठी भाषा सलाहकार मीना खोंड ने 'पतझड़ हो गई ओझल, पल्लवित हुआ जीवन, रुत आई सुहानी' रचना का सुमधुर पाठ कर सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। परामर्शदाता डॉ.आर सुमनलता ने ऋतुराज बसन्त के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी प्र...