भारतीय महाक्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अविनाश ध संकुड़े द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार श्रीमती सरिता सुराणा को संगठन की तेलंगाना प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जाता है। उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए अध्यक्ष महोदय ने कहा कि श्रीमती सरिता सुराणा को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए इस पद पर नियुक्त किया जा रहा है।
हम आशा करते हैं कि वे सामाजिक कार्यों के लिए इस पद का उपयोग करेंगी और संगठन में एक महत्वपूर्ण योगदान देंगी। संगठन के किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में हमारे साथ विचारों का आदान-प्रदान करके सभी काम कानूनी तरीके से करेंगी। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र मुनोत ने उन्हें आगामी सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।
कुर्सी के लिए खत्म हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के लिए राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी की सभी कोशिशें विफल हो गईं, इसलिए उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी, जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी और इसके बाद राष्ट्रपति ने भी इस पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी। इससे नाराज़ शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। क्या है सम्पूर्ण घटनाक्रम महाराष्ट्र में आम चुनाव सम्पन्न होने के 18 दिन बाद भी जब कोई राजनीतिक दल सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर सका तो राज्यपाल ने सबसे पहले बीजेपी को, फिर शिवसेना को और अंत में राकांपा को सरकार गठन के लिए अपना संख्या बल बताने को कहा था। जब इन तीनों में से कोई भी अपना बहुमत सिद्ध नहीं कर पाया तो राज्यपाल ने केन्द्र सरकार से कहा कि कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र विकल्प बचा है। फैसले का विरोध राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने के बाद राकांपा और कांग्रेस ने बैठक की और कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना लोकतंत्र ...
छंदबद्ध रचना में मात्राभार की गणना ***************************** छंदबद्ध रचना के लिये मात्राभार की गणना का ज्ञान आवश्यक है। मात्राभार दो प्रकार का होता है– वर्णिक भार और वाचिक भार। वर्णिक भार में प्रत्येक वर्ण का भार अलग-अलग यथावत लिया जाता है जैसे– विकल का वर्णिक भार = 111 या ललल जबकि वाचिक भार में उच्चारण के अनुरूप वर्णों को मिलाकर भार की गणना की जाती है जैसे विकल का उच्चारण वि कल है, विक ल नहीं, इसलिए विकल का वाचिक भार है – 12 या लगा। वर्णिक भार की गणना करने के लिए कुछ निश्चित नियम हैं। वर्णिक भार की गणना (1) ह्रस्व स्वरों की मात्रा 1 होती है जिसे लघु कहते हैं, जैसे - अ, इ, उ, ऋ की मात्रा 1 है। लघु को 1 या । या ल से व्यक्त किया जाता है। (2) दीर्घ स्वरों की मात्रा 2 होती है जिसे गुरु कहते हैं, जैसे-आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ की मात्रा 2 है। गुरु को 2 या S या गा से व्यक्त किया जाता है। (3) व्यंजनों की मात्रा 1 होती है , जैसे -क,ख,ग,घ / च,छ,ज,झ / ट,ठ,ड,ढ,ण / त,थ,द,ध,न / प,फ,ब,भ,म /य,र,ल,व,श,ष,स,ह। वास्तव में व्यंजन का उच्चारण स्वर के साथ ही संभव है, इसलिए उसी रूप में यहाँ लिखा गया है। अन...
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