भारतीय महाक्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अविनाश ध संकुड़े द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार श्रीमती सरिता सुराणा को संगठन की तेलंगाना प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जाता है। उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए अध्यक्ष महोदय ने कहा कि श्रीमती सरिता सुराणा को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए इस पद पर नियुक्त किया जा रहा है।
हम आशा करते हैं कि वे सामाजिक कार्यों के लिए इस पद का उपयोग करेंगी और संगठन में एक महत्वपूर्ण योगदान देंगी। संगठन के किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में हमारे साथ विचारों का आदान-प्रदान करके सभी काम कानूनी तरीके से करेंगी। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र मुनोत ने उन्हें आगामी सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।
छंदबद्ध रचना में मात्राभार की गणना ***************************** छंदबद्ध रचना के लिये मात्राभार की गणना का ज्ञान आवश्यक है। मात्राभार दो प्रकार का होता है– वर्णिक भार और वाचिक भार। वर्णिक भार में प्रत्येक वर्ण का भार अलग-अलग यथावत लिया जाता है जैसे– विकल का वर्णिक भार = 111 या ललल जबकि वाचिक भार में उच्चारण के अनुरूप वर्णों को मिलाकर भार की गणना की जाती है जैसे विकल का उच्चारण वि कल है, विक ल नहीं, इसलिए विकल का वाचिक भार है – 12 या लगा। वर्णिक भार की गणना करने के लिए कुछ निश्चित नियम हैं। वर्णिक भार की गणना (1) ह्रस्व स्वरों की मात्रा 1 होती है जिसे लघु कहते हैं, जैसे - अ, इ, उ, ऋ की मात्रा 1 है। लघु को 1 या । या ल से व्यक्त किया जाता है। (2) दीर्घ स्वरों की मात्रा 2 होती है जिसे गुरु कहते हैं, जैसे-आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ की मात्रा 2 है। गुरु को 2 या S या गा से व्यक्त किया जाता है। (3) व्यंजनों की मात्रा 1 होती है , जैसे -क,ख,ग,घ / च,छ,ज,झ / ट,ठ,ड,ढ,ण / त,थ,द,ध,न / प,फ,ब,भ,म /य,र,ल,व,श,ष,स,ह। वास्तव में व्यंजन का उच्चारण स्वर के साथ ही संभव है, इसलिए उसी रूप में यहाँ लिखा गया है। अन...
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